Showing posts with label कैंसर. Show all posts
Showing posts with label कैंसर. Show all posts

Saturday, November 25

शरीर में कैसी भी गाँठ हो, ख़त्म कर देता है यह नुस्खा !





By- Dr. Kailash Dwivedi

शरीर के किसी भी अंग में उत्पन्न हुयी गाँठ साधारण गाँठ से लेकर कैंसर तक हो सकती हैं। ठीक न होने वाली असामान्य गांठ अथवा आंतरिक या बाह्य रक्तस्राव कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। यह आवश्यक नहीं है कि सभी गांठे कैंसर ही हों। परन्तु फिर भी इस सम्बन्ध में सावधानी रखते हुए समय से इसकी जाँच एवं उपचार बहुत आवश्यक है | साधारण गांठे भले ही कैंसर की न हों लेकिन इनका भी इलाज आवश्यक होता है। उपचार के अभाव में ये असाध्य रूप ले लेती हैं, परिणाम स्वरूप उनका उपचार लंबा और जटिल हो जाता हैएवं इनका कैंसर में परिवर्तित होने की सम्भावना भी बढ़ जाती है | इस लेख में जानिये एक ऐसे नुस्खे के विषय में जिससे कैसी भी गांठ हो, ठीक हो सकती है | यह औषधि स्वाद में कड़वी होती है परंतु अत्यधिक प्रभावी है। जब तक गाँठ पूरी तरह से समाप्त न हो जाये इस औषधि को बंद नहीं करना चाहिए |

निम्न गांठो में प्रभावी है यह नुस्खा :



  • गर्भाशय की गांठ
  • स्त्री पुरुष के स्तनो की गांठ
  • टॉन्सिल 
  • गले की गाँठ  (बढ़ी हुयी थायराइड ग्लैण्ड -Goiter) 
  • फैट की गांठ (LIPOMA)
  • प्रोस्टेट की गांठ 
  • जांघ के पास की गांठ
  • काँख की गांठ
  • गले के बाहर की गांठ

आवश्यक सामग्री :

पंसारी के यहाँ से निम्न औषधि ले लें -

  • कचनार की शाखा की ताजी छाल 25-30 ग्राम (यदि सूखी छाल हो तो - 15 ग्राम )
  • गोरखमुंडी पाउडर  - 1 चम्मच 

तैयार करने की विधि :

कचनार की छाल को कूटकर  1 गिलास पानी मे उबाले। 2 मिनट तक उबालने के पश्चात् इसमे पिसी हुयी गोरखमुंडी 1 चम्मच की मात्रा में मिला दें | इस मिश्रण को 1 मिनट तक उबालकर छान लें ।

सेवन विधि :

प्रतिदिन प्रातः खाली पेट इस काढ़े को बनाकर गुनगुना रह जाये तब पियें । गाँठ पुरानी होने की स्थिति में इस काढ़े को प्रातः-सायं दोनों समय ले।







loading...

Tuesday, December 27

क्या आप जानते हैं - अंगूर के बीज से कैंसर का इलाज मात्र 48 घंटों में संभव !



By- Dr. Kailash Dwivedi

कैंसर के मरीजों की संख्‍या में निरन्तर वृद्धि हो रही है | इसके इलाज का तरीका भी बहुत तकलीफदेह होता है परन्तु यदि थोडी सी समझदारी से काम लिया जाए तो इस बीमारी से स्वयं को आसानी से बचा सकते हैं |

 कैंसर के रोगियों पर 25 वर्षों के शोध के पश्चात् कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी के मेडिकल फिजिक्स एवं साइकोलॉजी के सीनियर प्रोफेसर डॉ. हर्डिन बी जॉन्स का कहना है कि कैंसर के इलाज के तौर पर प्रयोग की जाने वाली कीमोथेरेपी कैंसर पीड़ित मरीज को दर्दनाक मौत की तरह ले जा सकती है |  इसके बजाए प्राकृतिक तौर पर अपनाई जाने वाली घरेलू दवा, कैंसर के इलाज में अधिक कारगर साबित होती है, वह भी बगैर किसी साइड इफेक्ट के | हाल ही में हुए एक शोध में यह बात साबित हुई है कि अंगूर के बीजों का सत्व या अर्क ल्यूकेमिया और कैंसर के अन्य प्रकारों को बहुत ही सकारात्मक ढंग से ठीक करने में बेहद मददगार साबित होता है | शोध में यह साबित हो चुका है कि अंगूर के बीज सिर्फ 48 घंटे में हर तरह के कैंसर को 76 प्रतिशत तक विकीर्ण करने में सक्षम है |

 अमेरिकन एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित एक कैसर रिसर्च के अनुसार अगूर के बीज में पाया जाने वाला JNK प्रोटीन, कैंसर कोशिकाओं की विकीर्णों को नियंत्रित करने का काम करता है. कैंसर के इलाज के तौर पर अंगूर के बीज काफी कारगर घरेलू उपाय है |

यदि वैज्ञानिकों की नयी खोज पर विश्‍वास करें तो अंगूर के बीज से कैंसर का इलाज महज 48 घंटों में संभव है।

अंगूर के अन्य स्वास्थ्य लाभ :


आधे सिर का दर्द :

आधे सिर का दर्द (जो सूर्य निकलने के साथ प्रारम्भ होकर सूर्य के साथ-साथ बढ़ता है), प्रतिदिन प्रातः सूर्योदय से पूर्व आधा कप अंगूर का रस पीने से ठीक हो जाता है।

इसे भी पढ़ें - सदाबहार के पत्ते और फूल -मधुमेह एवं ब्लडप्रेशर में अत्यंत लाभकारी
                 
                 चौंक जायेंगे आप अंकुरित लहसुन के लाभ जानकर !

नाखूनों के स्वास्थ्य में लाभप्रद :

अंगूर का रस नाखुन (nails) के लिए भी लाभप्रद  है। इससे नाखुन सुन्दर और मजबूत बनते है ।

बालों का झड़ना रोके :

अंगूर खाने से स्कैल्प (scalp) में रक्त संचार  बढ़ता है जिससे बाल झड़ना कम होता है साथ हीं बालो में ग्रोथ भी होती है । हेयर फॉल रोकने का यह एक आसान और सस्ता तरीका है |

आँखों के डार्क सर्किल हटाये :

आँखों के नीचे काला घेरा होने के कई कारण हो सकते है जैसे ज्यादा मानसिक तनाव होना, नींद का पूरा ना होना आदि । अंगूर के रस को आँखों के नीचे लगाने से डार्क सर्किल  कम हो जाता है ।

मोतियाबिंद से बचाता है :

यदि आप नियमित रूप से अंगूर का सेवन करते है तो मोतियाबिंद से बच सकते है ।

कब्जनाशक :

अंगूर को नमक, काली-मिर्च के साथ खाने से कब्ज में लाभ होता है।

अंगूर के बीज का तेल भी है फायदेमंद :


अंगूर के बीज का तेल स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभप्रद होता है। इसमें मौजूद तत्‍व  इससे बने भोजन को स्वास्थ्यकर बनाते है क्योंकि इसमें फैट नहीं होता, विटामिन ई पाया जाता है एवं यह एक बेहतरीन एंटी ऑक्‍सीडेंट होता है |

loading...