Showing posts with label धातुदौर्बल्य. Show all posts
Showing posts with label धातुदौर्बल्य. Show all posts

Thursday, January 5

पढ़िए, प्याज के चमत्कारिक लाभ !

शीघ्रपतन रोकने के लिए : 

100 ग्राम अजवाइन लेकर सफ़ेद प्याज के रस में भिगोकर सुखा लें, सूख जाने पर पुनः पुनः प्याज के रस में भिंगोकर तीन बार सुखाएं | अच्छी तरह सूख जाने पर इसका बारीक पाउडर बना लें, अब इस पाउडर को पांच ग्राम की मात्रा में घी और शक्कर की लगभग पांच ग्राम की मात्रा मिलाकर सेवन करें | इस योग को इक्कीस दिन तक लेने पर शीघ्रपतन में लाभ मिलता है


कामशक्ति को बढ़ाने के लिए : 

50 ग्राम लाल प्याज + देशी घी 50 ग्राम +250 मिली. दूध मिलाकर गर्म कर नियमित चाटना चाहिए | इस योग को गर्मियों में सूर्योदय से पूर्व 1 बार लें | शीत ऋतु में दो से तीन बार लिया जा सकता है |

सफ़ेद प्याज के रस को अदरख के रस के साथ मिलाकर शुद्ध शहद तथा देशी घी प्रत्येक क़ी पांच-पांच ग्राम क़ी मात्रा लेकर एक साथ मिलाकर सुबह नियम से एक माह तक सेवन करें और लाभ देखें इससे यौन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होती है |

वीर्य की वृद्धि के लिए : 

एक चम्मच प्याज का रस + आधा चम्मच शहद मिलाकर पीने से वीर्य की वृद्धि होती है | प्याज को पीसकर गुड़ मिलाकर खाने से भी वीर्य (सीमन ) वृद्धि होती है |


प्याज के अन्य स्‍वास्‍थ्‍य लाभ : 


कोलेस्‍ट्रॉल नियंत्रित रखने में सहायक : 

प्याज़ में मिथाइल सल्‍फाइड और अमीनो एसिड होता है जो कि खराब कोलेस्‍ट्रॉल को घटा कर अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल को बढाता है।


उच्च रक्तचाप को कम करे : 

कच्‍चा प्‍याज हाई ब्‍लड प्रेशर को नार्मल करता है और बंद खून की धमनियों को खोलता है जिससे ह्रदय की कोई बीमारी नहीं होती।


कैंसर से बचाए : 

प्‍याज में सल्‍फर तत्‍व अधिक होते हैं। सल्‍फर शरीर को पेट, कोलोन, ब्रेस्‍ट, फेफडे और प्रोस्‍टेट कैंसर से बचाता है। साथ ही यह मूत्र पथ संक्रमण की समस्‍या को भी खत्‍म करता है।


एनीमिया (रक्ताल्पता) में लाभप्रद : 

प्‍याज काटते वक्‍त आंखों से आंसू टपकते हैं, ऐसा प्‍याज में मौजूद सल्‍फर की वजह से होता है जो नाक के दृारा शरीर में प्रेवश करता है। इस सल्‍फर में एक तेल मौजूद होता है जो कि एनीमिया को ठीक करने में सहायक होता है। खाना पकाते वक्‍त यही सल्‍फर जल जाता है, तो ऐसे में कच्‍चा प्‍याज खाइये।


गले की खराश दूर करे : 

ताज़े प्‍याज का रस पीने से गले की खराश दूर होती है । इमसें गुड़ या फिर शहद मिलाया जा सकता है।


कब्‍ज मिटाए : 

इसमें मौजूद रेशा पेट के अंदर के चिपके हुए भोजन को निकालता है जिससे पेट साफ हो जाता है, तो यदि आपको कब्‍ज की शिकायत है तो कच्‍चा प्‍याज खाना शुरु कर दीजिये।


ब्‍लीडिंग (रक्तस्राव) रोके : 

कच्‍चा प्‍याज काट कर सूंघने से नकसीर दूर हो जाती है । सफ़ेद प्याज खूनी बबासीर में अत्यंत लाभकारी है ।


मधुमेह में लाभकारी : 

कच्चा प्‍याज शरीर में इंसुलिन उत्‍पन्‍न करता है , अतः मधुमेह रोगियों को इसे सलाद के रूप में खाना लाभदायक है |


loading...

Wednesday, December 30

यौन रोगों में तुलसी के उपयोग



वीर्यवृद्धि हेतु :



तुलसी के बीजों का चूर्ण 2 ग्राम की मात्रा में पुराने गुड़ के साथ मिलाकार खाएं और इसके बाद 1 कप दूध पीएं। इसका सेवन नियमित रूप से सुबह-शाम नियमित रूप से कुछ महीनों तक लेने से सेक्स सम्बंधी धातु की वृद्धि होती है। इससे नपुंसकता (नामर्दी) और शीघ्रपतन (धातु का शीघ्र निकल जाना) की समस्याएं दूर हो जाती है।

धातुदुर्बलता :



वीर्य की कमजोरी होने पर तुलसी के बीज का चूर्ण 60 ग्राम और मिश्री 75 ग्राम को एक साथ पीसकर चूर्ण बना लें और यह चूर्ण प्रतिदिन 3 ग्राम की मात्रा में गाय के दूध के साथ सेवन करें। इससे धातु की कमजोरी दूर होती है।

स्वप्नदोष :



तुलसी की जड़ का काढ़ा 4-5 चम्मच की मात्रा में रात को सोने से पहले नियमित रूप से कुछ सप्ताह तक पीने से स्वप्नदोष से छुटकारा मिलता है।

शीघ्रपतन :



तुलसी की जड़ या बीज चौथाई चम्मच की मात्रा में पानी में रात को भिगोकर रख दें और सुबह उसका सेवन करें। इससे शीघ्रपतन दूर होकर वीर्य पुष्ट (गाढ़ा) होता है।

शरीर को ताकतवर बनाना :




  1. तुलसी के बीज या पत्ते को भूनकर चूर्ण बना लें और इस चूर्ण के बराबर मात्रा में गुड़ मिलाकर लगभग 1-1 ग्राम की गोलियां बना लें। यह 1-1 गोली गाय के दूध के साथ सुबह-शाम लेने से शरीर में भरपूर ताकत आती है।

  2. लगभग आधा ग्राम तुलसी के पीसे हुए बीजों को सादे या कत्था लगे पान के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम खाली पेट खाने से बल, वीर्य, खून बढ़ता है।

  3. लगभग 10 ग्राम तुलसी के बीजों के चूर्ण को 20 ग्राम पुराने गुड़ में मिलाकर प्रतिदिन खाने से शारीरिक शक्ति बढ़ती है। इसका प्रयोग 40 दिनों तक करना चाहिए। इसका सेवन केवल सर्दी के दिनों में ही करना चाहिए क्योकि यह गर्म होता है।

  4. शौच आदि से आने के बाद सुबह के समय तुलसी के 5 पत्ते पानी के साथ खाने से बल, तेज व स्मरणशक्ति बढ़ती है।

  5. तुलसी के पत्तों का रस 8 बूंद पानी में मिलाकर प्रतिदिन पीने से मांसपेशियां और हडि्डयां मजबूत होती है।

  6. तुलसी के बीज दूध में उबालकर चीनी मिलाकर पीने से शारीरिक शक्ति बढ़ती है।


नपुंसकता :




  1. धातु दुर्बलता में तुलसी के बीज एक ग्राम दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करने नपुंसकता दूर होती है और कामशक्ति बढ़ती है।

  2. तुलसी की जड़ और जमीकंद को पान में रखकर खाने से शीध्रपतन की शिकायते दूर होती है।

  3. तुलसी के बीज या तुलसी की जड़ के चूर्ण में पुराना गुड़ समान मात्रा में मिलाकर 3-3 ग्राम की गोली बना लें। यह 1-1 गोली सुबह-शाम गाय के ताजे दूध के साथ 1 से 6 सप्ताह तक लेने से नपुंसकता दूर होती है।
loading...