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Saturday, February 25

इससे गुर्दे की पथरी हो जाएगी गायब !



By- Dr.Kailash Dwivedi 
गुर्दे की पथरी (वृक्कीय कैल्कली, नेफरोलिथियासिस) मूत्रतंत्र की एक ऐसी स्थिति है जिसमें गुर्दे के अन्दर छोटे-छोटे पत्थर जैसे कठोर पदार्थों का निर्माण होता है। गुर्दें में एक समय में एक या अधिक पथरी हो सकती है। सामान्यत: ये पथरियाँ बिना किसी तकलीफ मूत्रमार्ग से शरीर से बाहर निकाल दी जाती हैं, किन्तु यदि ये पर्याप्त रूप से बड़ी हो जाएं (२-३ मिमी आकार के) तो ये मूत्रवाहिनी में अवरोध उत्पन्न कर सकती हैं। इस स्थिति में मूत्रांगो के आसपास असहनीय पीड़ा होती है। 

पथरी के लक्षण :

  • पीठ के निचले हिस्से में अथवा पेट के निचले भाग में अचानक तेज दर्द होना
  • गुर्दे की पथरी का दर्द अधिकांश रोगी की पीठ से पेट की तरफ आता हैं।
  • पेशाब के साथ-साथ दर्द होना
  • बार बार और एकदम से पेशाब आना
  • रुक रुक कर पेशाब आना
  • रात में अधिक पेशाब आना
  • मूत्र में रक्त भी आ सकता है
  • पेशाब का रंग असामान्य होना
  • कब्ज या दस्त का लगातार बने रहना
  • उल्टी जैसा होना
  • बैचेनी, थकान, तेज पेट दर्द कुछ मिनटो या घंटो तक बने रहना
  • मूत्र संबंधी संक्रमण साथ ही बुखार, कपकपी, पसीना आना

पथरी से ऐसे बचें :

  1. अत्यधिक मात्रा में सोयाबीन, मूंगफली, पालक आदि का सेवन न करें
  2. पानी अधिक पिएं
  3. भोजन में प्रोटीन, नाइट्रोजन व सोडियम की मात्रा कम लें 
  4. विटामिन-सी की भारी मात्रा न लें
  5. नारंगी आदि का रस (जूस) लेने से पथरी का खतरा कम होता है
  6. सप्ताह में एक बार प्रातः खाली पेट एक चम्मच अजवाइन पानी के साथ निगलें

पथरी के घरेलू उपचार :

  1. 250 ग्राम कुल्थी रात्रि में तीन लिटर पानी में भिगो दें। प्रातः भीगी हुई कुल्थी उसी पानी सहित धीमी आग पर चार घंटे तक पकाएं। जब एक लिटर पानी रह जाए तब नीचे उतार लें। तत्पश्चात इस पानी में 30 ग्राम से 50 ग्राम देशी घी का छोंक लगाएं। छोंक में थोड़ा-सा सेंधा नमक, काली मिर्च, जीरा, हल्दी डाल सकते हैं। दोपहर के भोजन के स्थान पर यह सारा सूप पी जाएं। 250 ग्राम पानी अवश्य पिएं। प्रतिदिन एक-दो सप्ताह इस प्रयोग से गुर्दे तथा मूत्राशय की पथरी गल कर बिना ऑपरेशन के बाहर आ जाती है |
  2. भोजन में करेले की सब्जी का प्रयोग करें | करेले का जूस भी लाभकारी है।
  3. मिश्री की चाशनी में एक चम्मच जीरा मिलाकर शहद के साथ लेने पर पथरी घुलकर पेशाब के साथ बाहर निकल जाती है।
  4. एक मूली को खोखला करके उसमे 20 ग्राम गाजर व 20 ग्राम शलगम के बीज भर दें। उसके बाद मूली को भून लें, मूली से बीज निकाल कर पीस लें। प्रतिदिन प्रातः पांच ग्राम पाउडर पानी के साथ एक माह तक पियें |
  5. गुर्दे की पथरी में प्रतिदिन चुकंदर का रस पीने से पथरी बाहर निकल जाती है। चुकंदर के सूप का सेवन करने से भी पथरी समाप्त हो जाती है।
  6. प्रतिदिन प्रातः 4 छुहारों का सेवन करने से भी पथरी का रोगी ठीक हो सकता है।
  7. प्रतिदिन नियमित रूप से छाछ का सेवन करते रहने से भी पथरी छोटी होकर बाहर निकल जाती है।

विशेष :

  • पालक, टमाटर, बैंगन, चावल, उड़द, लेसदार पदार्थ, सूखे मेवे, चॉकलेट, चाय, मद्यपान, मांसाहार आदि का सेवन न करें
  • मूत्र को रोकना नहीं चाहिए
  • लगातार एक घंटे से अधिक एक आसन पर न बैठें।
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