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Monday, February 8

मोटापा, आर्थराइटिस, सूजन से परेशान हैं तो करें - भाप-स्नान

भाप-स्नान (Steam bath) एक ऐसा उपचार है जिससे त्वचा के माध्यम से पसीने के रुप में बहुत सारा विष शरीर के बाहर निकल जाता है |स्टीम बाथ के द्वारा मोटापा, आर्थराइटिस, सूजन, किसी भी तरह का जोड़ों का दर्द इत्यादि  समाप्त हो जाता है | वैसे तो स्टीम बाथ के लिए बाज़ार में कई तरह के यंत्र मिलते हैं पर इसे आप घर पर भी आसानी से कर सकते हैं |

विधि :




  • इसके लिए एक बेंत की या प्लास्टिक की बुनी हुयी कुर्सी लेकर उसके ऊपर कम्बल को इस तरह से डालें की कुर्सी पुरी तरह से ढक जाये|

  • गैस या स्टोब पर प्रेसर कुकर में आधा पानी भरकर उबलने के लिए रख दें एवं कुकर की सीटी निकाल कर एक प्लास्टिक की पाइप को लगा दें तथा उस पाइप को कुर्सी के नीचे डाल दें (चित्र के अनुसार)

  • भाप बनने पर सिर को ठन्डे पानी में भिगोकर, नंगे वदन कुर्सी पर बैठ जाये एवं गर्दन से नीचे का पूरा शरीर कम्बल से ढक लें |



पाइप से भाप निकल कर कम्बल के अन्दर भर जायेगी और शरीर से पसीना निकलना शुरू हो जायेगा |
जब शरीर में खूब पसीना निकल आये व् चेहरे पर पसीना परिलक्षित होने लगे तब कुर्सी से उठकर तुरंत ताज़े पानी से स्नान कर लें |

सावधानियां :




  • उच्च रक्तचाप की अवस्था में भाप-स्नान न करें |

  • भाप-स्नान करते समय सिर को ठन्डे पानी से भिगोते रहें |

  • कम्बल के अन्दर पसीना आने पर शरीर को हाथों से मसलते रहें |

  • गर्मी में ठंडा व् सर्दी में गरम एक गिलास पानी पी कर भाप-स्नान करें |

  • जहाँ पर भाप-स्नान कर रहे हों वहां पर ध्यान रहे की ठंडी हवा के झोंके न आते हों

  • अति दुर्बलता की अवस्था में. बुखार की अवस्था में भाप-स्नान न करें|

  • भाप-स्नान के आधा घंटे बाद ही कुछ खाएं |