Sunday, December 21

श्वेत प्रदर (Leukorrhea)

श्वेत प्रदर या ल्यूकोरिआ (Leukorrhea) या "सफेद पानी आना" स्त्रियों का एक रोग है |इस रोग में योनि मार्ग से सफेद, चिपचिपा गाढ़ा स्राव होता है | यह स्राव  योनि की दीवारों से या गर्भाशय ग्रीवा से श्लेष्मा का स्राव होता है, जिसकी मात्रा, स्थिति और समयावधि अलग-अलग स्त्रियों में अलग-अलग होती है। यदि स्राव ज्यादा मात्रा में, पीला, हरा, नीला हो, खुजली पैदा करने वाला हो तो स्थिति असामान्य मानी जाएगी। इससे शरीर कमजोर होता है और कमजोरी से श्वेत प्रदर बढ़ता है। श्वेत प्रदर को दूर करने के लिए यहाँ कुछ घरेलू उपाय दिए जा रहे हैं फिर भी इस रोग के कारणों की जांच स्त्री रोग विशेषज्ञ से करा लेना चाहिए, ताकि उस कारण को दूर किया जा सके।

रोग लक्षण


  1. हाथ-पैरों में दर्द, कमर में दर्द होना |

  2. पिंडलियों में खिंचाव होना |

  3. शरीर भारी रहना, चिड़चिड़ापन रहना।




  1. योनि स्थल पर खुजली होना

  2. चक्कर आना

  3. कमजोरी बनी रहना



कारण


  • अत्यधिक उपवास

  • उत्तेजक कल्पनाएं

  • अश्लील वार्तालाप

  • सम्भोग में उल्टे आसनो का प्रयोग करना

  • सम्भोग काल में अत्यधिक घर्षण युक्त आघात

  • रोगग्रस्त पुरुष के साथ सहवास

  • सहवास के बाद योनि को स्वच्छ जल से न धोना व वैसे ही गन्दे बने रहना

  • बार-बार गर्भपात कराना भी सफेद पानी का एक प्रमुख कारण है।



घरेलू उपाय :


  1. एक चम्मच पिसा आंवला + 2,3 च.शहद रोज दिन में एक बार खायें। 30 दिनों तक तथा खटाई से परहेज करें ।

  2. प्रातः खाली पेट 20 मिली. आंवले का रस व 2 चम्मच शहद लगातार एक माह तक लें श्वेत प्रदर ठीक होगा,आंवला में विटामिन सी होनेसे आपकी त्वचा ग्लो भी करेगी।

  3. केला खाकर ऊपर से दूध में शहद डालकर पियें। केला दूध अच्छी डाईट है इससे आपकी सेहत भी ठक होगी तथा प्रदर से होने वाली कमजोरी दूर होगी । ये कमसे कम तीन माह लगातार लें, गर्म दूध में शहद न डालें।

  4. कच्चे केले की सब्जी खायें,दो केले शहद में डालकर खायें।

  5. गर्मी के दिनों में फालसा खूब खायें शरबत पियें।

  6. कच्चा टमाटर खायें।

  7. सिंघाडे के आटे का हलुआ , तथा इसकी रोटी खायें लाभ होगा।

  8. प्रातः-सायं अनार के ताजे पत्ते 25-30 + 10-12 काली मिर्च साथ में पीस लें उसमें आधा ग्लास पानी डालें फिर छान कर पी जायें।

  9. भुना चना में खांण्ड(गुड़ की शक्कर) मिलाकर खायें,बाद में एक कप दूध में देशी घी डालकर पियें लाभ होगा।

  10. जीरा भूनकर चीनी के साथ खायें।

  11. प्रतिदिन प्रातः – सायं फिटकरी के पानी से गुप्तांगों को अंदर तक धोयें।

  12. एक माह तक प्रतिदिन 10 ग्रा. सोंठ एक कप पानी में काढा बनाकर पियें।

  13. एक ग्राम कच्ची फिटकरी एक केले को बीच में से काटकर भर दें इसे दिन या रात में एक बार खायें,सात दिन में प्रदर ठीक होगा।

  14. प्रातः-सायं एक बडा चम्मच तुलसी का रस,बराबर शहद लेकर चाटने से आराम होगा ।

  15. 3 ग्राम शतावरी या सफेद मूसली, 3 ग्रा.मिस्री इसका चूर्ण सुबह शाम गर्म दूध से लें। इससे रोग तो दूर होगा ही साथ कमजोरी भी दूर हो जायेगी।

  16. माजू फल,बडी इलायची,मिस्री समान मात्रा में पीसलें एक हफ्ते तक दिन में तीन बार लें । बाद में दिन में एक बार 21,दिन तक लें लाभ होगा।

  17. प्रातः- शाम दो चम्मच प्याज का रस बराबर मात्रा में शहद मिलाकर पिये।

  18. पीपल के दो चार कोमल पत्ते लेकर कूटपीसकर लुग्दी बनाकर दूध में उबालकर पीने से स्त्रियों के अनेक रोग दूर हो जाते है जैसे मासिक धर्म की अनियमितता तथा प्रदर रोग ।



 -डॉ.कैलाश द्विवेदी  (Dr.KAILASH DWIVEDI)

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