Monday, March 30

यौन रोग में प्याज के प्रयोग एवं अन्य रोगनिवारक गुण

कामशक्ति को बढ़ाने के लिए :

  1. 50 ग्राम लाल प्याज +  देशी घी 50 ग्राम +250 मिली.  दूध मिलाकर गर्म कर नियमित चाटना चाहिए | इस योग को गर्मियों में सूर्योदय से पूर्व 1 बार लें |शीत ऋतु में दो से तीन बार लिया जा सकता है |
  2. सफ़ेद प्याज के रस को अदरख के रस के साथ मिलाकर शुद्ध शहद तथा देशी घी प्रत्येक क़ी पांच-पांच ग्राम क़ी मात्रा लेकर एक साथ मिलाकर सुबह नियम से एक माह तक सेवन करें और लाभ देखें इससे यौन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होती है |
  3. एक किलो प्याज का रस, एक किलो शहद के साथ लेकर उसमें आधा किलो शक्कर मिलाकर किसी साफ़ सुथरे डिब्बे में पैक कर लें ..अब इसे पंद्रह ग्राम की मात्रा में एक माह तक रोज नियमित सेवन करेंI इस योग के प्रयोग से सेक्सुअल डिजायर में वृद्धि होती है |


वीर्य की वृद्धि के लिए :

  1. एक चम्मच प्याज का रस  + आधा चम्मच शहद मिलाकर पीने से वीर्य की वृद्धि होती है |
  2. प्याज को पीसकर गुड मिलाकर खाने से भी वीर्य (सीमन ) वृद्धि होती है |


शीघ्रपतन रोकने के लिए :
100 ग्राम अजवाइन लेकर सफ़ेद प्याज के रस में भिगोकर सुखा लें, सूख जाने पर पुनः पुनः प्याज के रस में भिंगोकर तीन बार सुखाएं | अच्छी तरह सूख जाने पर इसका बारीक पाउडर बना लें, अब इस पाउडर को पांच ग्राम की मात्रा में घी और शक्कर की लगभग पांच ग्राम की मात्रा मिलाकर सेवन करें | इस योग को इक्कीस दिन तक लेने पर शीघ्रपतन में लाभ मिलता है |

प्याज के अन्य  स्‍वास्‍थ्‍य लाभ :
कैंसर 
प्‍याज में सल्‍फर तत्‍व अधिक होते हैं। सल्‍फर शरीर को पेट, कोलोन, ब्रेस्‍ट, फेफडे और प्रोस्‍टेट कैंसर से बचाता है। साथ ही यह मूत्र पथ संक्रमण की समस्‍या को भी खत्‍म करता है।

एनीमिया (रक्ताल्पता)
प्‍याज काटते वक्‍त आंखों से आंसू टपकते हैं, ऐसा प्‍याज में मौजूद सल्‍फर की वजह से होता है जो नाक के दृारा शरीर में प्रेवश करता है। इस सल्‍फर में एक तेल मौजूद होता है जो कि एनीमिया को ठीक करने में सहायक होता है। खाना पकाते वक्‍त यही सल्‍फर जल जाता है, तो ऐसे में कच्‍चा प्‍याज खाइये।

मधुमेह 
कच्चा प्‍याज शरीर में इंसुलिन उत्‍पन्‍न करता है , अतः मधुमेह रोगियों को  इसे सलाद के रूप में  खाना लाभदायक है |
गले की खराश
ताज़े प्‍याज का रस पीने से गले की खराश दूर होती है । इमसें गुड या फिर शहद मिलाया जा सकता है।

कब्‍ज 
इसमें मौजूद रेशा पेट के अंदर के चिपके हुए भोजन को निकालता है जिससे पेट साफ हो जाता है, तो यदि आपको कब्‍ज की शिकायत है तो कच्‍चा प्‍याज खाना शुरु कर दीजिये।

ब्‍लीडिंग (रक्तस्राव)
कच्‍चा प्‍याज काट कर सूंघने से नकसीर दूर हो जाती है ।
सफ़ेद प्याज खूनी बबासीर में अत्यंत लाभकारी है ।

कोलेस्‍ट्रॉल 
प्याज़ में मिथाइल सल्‍फाइड और अमीनो एसिड होता है जो कि खराब कोलेस्‍ट्रॉल को घटा कर अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल को बढाता है।

उच्च रक्तचाप 
कच्‍चा प्‍याज हाई ब्‍लड प्रेशर को नार्मल करता है और बंद खून की धमनियों को खोलता है जिससे ह्रदय  की कोई बीमारी नहीं होती।



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