Sunday, December 20

सफेद दाग (Leucoderma)

सफेद दाग असाध्य रोग नहीं है इसलिए इस रोग के होने पर किसी भी प्रकार की हीनभावना से ग्रस्त या निराश नहीं होना चाहिए बल्कि दाग होने पर बड़ी आसानी से कम समय में इसका उपचार किया जा सकता है और उसको बढ़ने से रोका जा सकता है |

लक्षण :



इस रोग के कारण शरीर के किसी भी भाग में त्वचा पर छोटा सा दाग पीले रंग से शुरू होकर सफेद रंग का बन जाता है। यह दाग जगह-जगह फैलते हुए बड़े-बड़े चकत्तों के रूप में भी हो सकता है।

कारण




  • अप्राकृतिक भोजन सेवन करने के कारण व्यक्ति के शरीर में दूषित द्रव्य जमा हो जाना |

  • आंतों में कीड़े होना |

  • पेचिश, कब्ज, चर्मरोग, टायफाइड, तपेदिक (टी.बी.), एक्जिमा, दमा, मधुमेह, फोड़े, चोट, जलना तथा लीवर (जिगर) संबन्धी रोग आदि।

  • मल-मूत्र के वेग को रोकने के कारण भी त्वचा पर सफेद दाग हो जाते हैं।

  • शरीर में हार्मोन्स की गड़बड़ी तथा मानसिक आघात होने के कारण भी यह रोग हो सकता है।

  • अधिक नमक, मिर्च मसाले वाली चीजों के खाने से यह रोग हो सकता है।

  • शक्तिशाली एन्टीबायोटिक तथा तेज औषधियों का सेवन करने के कारण भी सफेद दाग का रोग हो सकता है।

  • अधिक नशीली चीजों का सेवन करने के कारण भी यह रोग हो सकता है।

  • दूध और नमक का सेवन एक साथ करने से भी यह रोग हो जाता है |



प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार :




  • सफेद दाग को ठीक करने के लिए सबसे पहले रोगी व्यक्ति को कुछ दिनों तक फलों तथा सब्जियों का रस पीना चाहिए तत्पश्चात कच्चा भोजन जैसे - हरी सब्जियां अंकुरित अन्न, फल, जूस आदि का सेवन करना चाहिए |चुकन्दर, भिगोए हुए अंकुरित काले चने, अंजीर, खजूर, तुलसी के पत्ते, त्रिफला विशेष लाभकारी है |

  • सफेद दाग से पीड़ित रोगी को सप्ताह में 2 दिन का उपवास रखना चाहिए।

  • रात्रि को तांबे के बर्तन में पानी को भरकर रख दें एवं प्रातः खाली पेट इसको पीने से अत्यंत लाभ मिलता है।

  • इस रोग को ठीक करने के लिए सबसे पहले रोगी व्यक्ति को अपने पाचन संस्थान की सफाई करनी चाहिए ताकि पाचनक्रिया ठीक प्रकार से हो सके।  इसके लिए पेट पर मिट्टी की पट्टी का लेप करना चाहिए तथा इसके बाद इसके लिए एनिमा क्रिया करना चाहिए। कटिस्नान, भाफ स्नान कुंजल क्रिया आदि प्राकृतिक उपचार करने चाहिए।



घरेलू उपचार :




  • 1 चम्मच हल्दी पाउडर + 2 चम्मच सरसों का तेल को मिलाकर सफ़ेद दागों पर  15 मिनट तक रखने के बाद उस जगह को धो लें |इस प्रयोग को दिन में 3-4 बार करें |

  •  दिन में 3 से 4  बार  20 मिनट के लिए - 2 चम्मच अखरोट का पाउडर में थोड़ा सा पानी मिलाकर पेस्ट बनाएं एवं इसे सफ़ेद दागों पर लगायें

  • 1 चम्मच नीम की पत्तियों के रस में 1 चम्मच शहद मिलाकर दिन में 3 बार पीएं।

  • हरड़ को घिसकर लहसुन के रस में मिलायें एवं इस पेस्ट को सफेद दाग पर लगाएं।

  • 1 गिलास गर्म दूध में  एक चम्मच हल्दी का पाउडर  डालकर दिन में 2 बार पीने से 4-5 महीने में सफेद दाग से मुक्ति मिल सकती है।

  • 1 छोटे चम्मच बावची के चूर्ण को सुबह तथा शाम पानी के साथ सेवन करने से सफेद दाग के रोग में बहुत अधिक लाभ मिलता है।

  • सफेद दागों पर तुलसी का रस मलने से कुछ ही दिनों में सफेद दाग खत्म हो जाते हैं।



परहेज :




  • सफेद दाग से पीड़ित रोगी को कॉफी, चाय, चीनी, नमक, मिर्च-मसालेदार, डिब्बा बंद भोजन, नशीली वस्तुएं, मांस तथा अंडे का सेवन नहीं करना चाहिए।

  • खट्टा, ज्यादा नमक का सेवन, मछली और दही आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।

  • मूली, नमक और मांस के साथ दूध न पीएं।

  • साबुन और डिटरजेंट का इस्तेमाल न करें।



 

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