एक बहुत ही प्रसिद्द कहावत है - "जाके पैर न फटी बिवाई, वो क्या जाने पीर पराई ||" फटी एडियाँ न सिर्फ शरीर की सुन्दरता को कम करती हैं बल्कि इनमे पड़ी दरारें असहनीय पीड़ा भी देती हैं | आमतौर पर सर्दियों में यह समस्या अधिक होती है | पैरों की चमड़ी का सख्त हो जाना और एड़ियों का फटना जैसी समस्याएं इस मौसम में आम तौर पर उभरकर सामने आती हैं। इससे बचने के लिए हम आपको बता रहे हैं एक बेहद आसान एवं प्रभावी उपचार -
कारण :
- शरीर में कैल्शियम और चिकनाई की कमी होना
- शरीर में उष्णता या खुश्की बढ़ जाना
- सर्दियों में नंगे पैर चलना
- खून की कमी
- एड़ी व तलवों की त्वचा मोटी होती है, इसलिए शरीर के अंदर बनने वाला सीबम यानी कुदरती तेल पैर के तलवों की बाहरी सतह तक न पहुंच पाना भी एक प्रमुख कारण है।
उपचार :
रात को सोते समय चित्त लेट जाएं, हाथ की पूरी अंगुली को सरसों के तेल में भिगोकर नाभि में लगाकर 2-3 मिनट तक रगड़ते हुए तब तक मालिश करें | जब तक तेल नाभि में जज्ब न हो जाए, मालिश करते रहें।
इस प्रयोग से सिर्फ एक सप्ताह में बिवाइयां ठीक हो जाती हैं और एड़ियां साफ, चिकनी व मुलायम हो जाती हैं।
एक अन्य उपाय :
गुनगुने पानी में थोड़ा शैंपू + एक चम्मच सोड़ा + कुछ बूंदें डेटॉल की डालकर मिला लें। इस पानी में पैरों को 10 मिनट तक भिगोकर रखें। त्वचा फूलने पर मैथिलेटिड स्पिरिट लगाकर एड़ियों को प्यूमिक स्टोन या झांवे से रगड़कर साफ कर लें। इससे एड़ियों की मृत त्वचा निकल जाएगी। तत्पश्चात तौलिए से पोंछकर गुनगुने जैतून या नारियल के तेल से मालिश करें।
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