Saturday, March 7

घुटनों का दर्द - कारण और निवारण

कारण
  • घुटने पर बार-बार दबाव से सूजन (जैसे लंबे समय के लिए घुटने के बल बैठना, घुटने का अधिक उपयोग करना अथवा घुटने में चोट) बरसाइटिस कहते हैं |
  • घुटने में सामने की ओर दर्द जो सीढ़ियों अथवा चढ़ाव पर चढ़ते और उतरते समय बढ़ जाता है. यह धावकों, और साइकिल चलाने वालों को होता है | टेन्टीनाइटिस घुटने के पीछे पानी के भरने से सूजन, साथ ही आथर्राइटिस जैसे अन्य कारणों से भी सूजन हो सकती है | यदि सिस्ट फट जाती है तो घुटने के पीछे का दर्द नीचे पैर की पिंडली तक पहुंच सकता है |
  • घिसा हुआ काटिर्लेज घुटने के जोड़ के अंदर की ओर अथवा बाहर की ओर दर्द पैदा कर सकता है |
  • झटका लगना अथवा मोच- अचानक अथवा अप्राकृतिक ढंग से मुड़ जाने के कारण लिगमेंट में मामूली चोट |
  • जोड़ में संक्रमण (इंनफेक्शन)
  • घुटने की चोट- घुटने में रक्त स्राव हो सकता है जिससे दर्द अधिक होता है | 
दर्द के अन्य कारण
घुटने के दर्द की एक वजह, खून में युरिक एसिड के लेविल का बढना है | इसे शरीर से बाहर निकालने के लिये रोगी को दो बातों का अनुसरण करना हितकर होता है -

1- मौसम के मुताबिक तीन से छ: लिटर पानी पीने की आदत बनानी चाहिये |
2- हरी सब्जी और फल या इनका जूस का सेवन |

 घरेलू देखभाल
1- आराम करें और ऐसे कार्यों से बचे जो दर्द बढ़ा देते हैं, विशेष रूप से वजन उठाने वाले कर्यों से बचें |
2- किसी भी प्रकार की सूजन को कम करने के लिए अपने घुटने को जहां तक संभव हो ऊपर उठा कर रखें |
3- कोई ऐसा बैंडेज अथवा एलास्टिक स्लीव पहनकर घुटने को धीरे धीरे दबाएं | (ये दोनों वस्तुएं लगभग सभी दवाइयों की दुकानों पर मिलती है) यह सूजन को कम कर सकता है और सहारा भी देता है (नी कैप की तरह)
4- अपने घुटनों के नीचे अथवा बीच में एक तकिया रखकर सोयें |

घुटनों के व्यायाम
1- घुटनों का संचालन जंघा से पैर को दोनों हाथों से ऊपर उठाकर घुटने से पैर को आगे-पीछे दस पंद्रह बार चलाना |
2- वहीं पकडे़ हुए घुटने के निचले हिस्से से गोल घुमाना 10-10 बार सीधे-उलटे |
3- पैर लंबे करके बैठें और टखनों को आगे-पीछे दस बार चलाना और सीधे-उलटे घुमाना |
4- घुटनों की कटोरियां की मांसपेशियों को खींचना और ढीला छोड़ना – 100 बार |
5- अधिक दर्द न हो तो गद्दे पर 5 मिनट पद्मासन या वज्रासन करें |
6- पेट के बल लेटकर मकरासन की स्थिति बनाकर एक पैर का घुटना मोड़कर ऊपर हिस्से को गोल 10-10 बार सीधे-उलटे घुमाएं |
7- पीठ के बल लेटकर एक-एक पैर बिना घुटने से मोड़े 90 डिग्री पर उठाने का प्रयत्न करें पांच-पांच बार एक-एक पैर उठाएं |

यौगिक साइकिलिंग-
पीठ के बल लेटकर एक-एक पैर को साइकिल जैसे चलाएं. अभ्यस्त हो जाने पर दोनों पैरों से लेटे-लेटे साइकिलिंग सीधे-उलटे 25 से 50 बार करें, उपरांत शवासन करें |

 

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