- कब्ज : गौ घृत -अमृत समान है | गाय के घी का नियमित सेवन करने से एसिडिटी व कब्ज की शिकायत कम हो जाती है |
- यौवन : गाय के दूध का घी आपको चिर युवा रखते हुए बुढ़ापे को दूर रखता है.गाय का घी खाने से बूढ़ा व्यक्ति भी जवान जैसा हो जाता है |
- माइग्रेन : दो बूंद देसी गाय का घी नाक में सुबह-शाम डालने से माइग्रेन दर्द ठीक होता है |
- सिरदर्द : सिर में दर्द होने पर शरीर में गर्मी लगती हो तो गाय के घी की पैरों में तलवे पर मालिश करें |
- हाथ-पांव में जलन : होने पर गाय के घी से तलवों में मालिश करें |
- गौ घृत - नाक में घी डालने से नाक की खुश्की दूर होती है और दिमाग तरो-ताजा हो जाता है. मानसिक शांति मिलती है, याददाश्त तेज होती है |
- शराब, भांग व गांजे का नशा : 20-25 ग्राम घी व मिश्री खिलाने से शराब, भांग व गांजे का नशा कम हो जाता है |
- फफोलों पर गाय का देसी घी लगाने से आराम मिलता है |
- बलगम : गाय के घी की छाती पर मालिश करने से बलगम को बाहर निकालने में सहायता मिलती है |
- कमजोरी : यदि अधिक कमजोरी लगे तो एक गिलास दूध में एक चम्मच गाय का घी और मिश्री डालकर पियें |
By- Dr. KAILASH DWIVEDI (Naturopath) Medical Officer- Keshav Prakratik Chikitsa evam Yog Sansthan, Vrindavan, Mathura U.P.
Tuesday, March 31
गाय के घी के चिकित्सकीय गुण
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment