जूं एक परिजीवी है जो मनुष्य के सिर की त्वचा में छेद करके रक्त चूसती है | यह बालों की जड़ो की बहुत बड़ी दुश्मन होती हैं, इनके होने से बाल अत्यधिक निर्जीव होने लगते हैं, साथ ही बालों का स्वरूप भी खराब होता जाता हैं | जुएँ 9 दिनों में अपने अंडे से निकल जाती है तथा 15 दिनों में प्रौढ़ हो जाती हैं | इनके होने से सिर में खुजली की समस्या उत्पन होने लगती हैं जिससे बाल कमजोर हो जाते हैं | साथ ही बार बार खुजलाने से बालों के अधिक गिरने की भी सम्भावना भी बढ़ जाती हैं | इसके निवारण के लिए आज आपको एक बेहद असरदार होमियोपैथी औषधि के विषय में बता रहे हैं - डॉ.असीम गोस्वामी (MD होमियोपैथी)
बालों में जूं होने पर रोजाना बालों को धोना चाहिए और धोने के बाद सैबाडिला 1 ग्राम की मात्रा में 20 ग्राम पानी में मिलाकर बालों को धोना चाहिए। इसके साथ नेट्रम-म्यूर औषधि की 12x का चूर्ण सेवन कराना चाहिए।
बच्चों के सिर में जूं होने पर यदि बहुत कोशिश करने पर भी जूं नहीं जाती हो तो ऐसे में जूं को नष्ट करने के लिए स्टैफिसेग्रिया औषधि की 30 शक्ति की मात्रा सेवन कराने से लाभ होता है |

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