Saturday, June 4

रक्तदान का महत्व एवं इससे जुड़ी भ्रांतियां

रक्तदान को लेकर अक्सर लोगों के मन में दुविधा बनी रहती है। रक्तदान करना क्यों जरूरी है और जरूरत पड़ने पर क्या करें, आईये जाने इस लेख में -

रक्तदान क्यों आवश्यक है :



  • रक्त का किसी भी प्रकार से उत्पादन नहीं किया जा सकता और न ही इसका कोई विकल्प है।

  • देश में हर साल लगभग 250 सीसी की 4 करोड़ यूनिट रक्त की जरूरत पड़ती है। जबकि सिर्फ 5,00,000 यूनिट रक्त ही उपलब्ध हो पाता है।

  • आंकड़ों के मुताबिक 25 प्रतिशत से अधिक लोगों को अपने जीवन में खून की जरूरत पड़ती है।

  • रक्तदान कर किसी जरूरतमंद का जीवन बचाया जा सकता है।


हमारे शरीर में कुल वजन का 7% हिस्सा खून होता है।

रक्तदान करने के लाभ :



  1. चिकित्सकों का मानना है कि रक्तदान से खून पतला होता है, जिससे हार्ट अटैक की आशंका कम हो जाती है।

  2. एक नई रिसर्च के मुताबिक नियमित ब्लड डोनेट करने से शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकलते रहते है जिससे कैंसर व दूसरी बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है |

  3. रक्तदान करने के बाद बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है। इससे शरीर को नए ब्लड सेल्स मिलने के अतिरिक्त तंदुरुस्ती भी मिलती है।

  4. रक्तदान में जितना खून लिया जाता है, वह 21 दिन में शरीर फिर से बना लेता है। ब्लड का वॉल्यूम तो शरीर 24 से 72 घंटे में ही पूरा बन जाता है।

  5. रक्तदान करने के बाद आप पहले की तरह ही कामकाज कर सकते हैं। इससे शरीर में किसी भी तरह की कमी नहीं होती।


रक्तदान से पूर्व :


रक्तदान से पहले मिनी ब्लड टेस्ट होता है, जिसमें हीमोग्लोबिन टेस्ट, ब्लड प्रेशर व वजन लिया जाता है। रक्तदान करने के बाद इसमें हेपेटाइटिस B व C, HIV, सिफलिस व मलेरिया आदि की जांच की जाती है। इन बीमारियों के लक्षण पाए जाने पर डोनर का ब्लड न लेकर उसे तुरंत सूचित किया जाता है।

कौन कर सकता है रक्तदान :


18 साल से अधिक उम्र के स्त्री-पुरुष, जिनका वजन 50 किलोग्राम या अधिक हो, वर्ष में तीन-चार बार रक्तदान कर सकते हैं।

रक्तदान करने के पहले एवं बाद में सावधानी :


ब्लड डोनेट करने से पहले व कुछ घंटे बाद तक धूम्रपान से परहेज करना चाहिए।

ब्लड डोनेट करने वाले शख्स को रक्तदान के 24 से 48 घंटे पहले शराब नहीं पीनी चाहिए।

No comments:

Post a Comment