Friday, May 20

गर्मी में मटके का पानी पियें और रोगों से बचें

कैसे ठंडा रहता है पानी :


मटके के पानी का ठंडा होना वाष्पीकरण की क्रिया पर निर्भर करता है। जितना ज्यादा वाष्पीकरण होगा, उतना ही ज्यादा पानी भी ठंडा होगा। मिटटी के घड़े में सूक्ष्म छिद्र होते हैं, जिनके माध्यम से घड़े का पानी बाहर निकलता रहता है। गर्मी के कारण पानी वाष्प बन कर उड़ जाता है। वाष्प बनने के लिए गर्मी का उपयोग मटके की गर्मी से होता है। इस पूरी प्रक्रिया में मटके का तापमान कम हो जाता है फलस्वरूप पानी ठंडा रहता है।

मटके के पानी के लाभ -



प्रतिरक्षा तंत्र की मजबूती बढ़ाये :


मटके का पानी पीने से रोग प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ावा मिलता है शोध से यह भी पता चला है कि घड़े के पानी का सेवन करने से शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ जाता है। इसलिए घड़े में रखा पानी हमें स्वस्थ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता हैं।

एसिडिटी से राहत दिलाये :


हमारे रक्त की प्रकृति क्षारीय है मिट्टी में भी क्षारीय गुण विद्यमान होते है। क्षारीय पानी की अम्लता के साथ प्रभावित होकर, उचित पीएच संतुलन प्रदान करता है। इस पानी को पीने से एसिडिटी में लाभ मिलता हैं।

गले को ठीक रखे :


फ़्रिज का ठंडा पानी हमारे गले एवं थायरायड व पैराथायरायड ग्रंथि पर दुष्प्रभाव डालता है | अधिक ठंडा पानी पीने से गले की कोशिकाओं का ताप अचानक गिर जाता है ग्रंथियों में सूजन आने लगती है फलस्वरूप शरीर की क्रियाओं का असंतुलन प्रारंभ हो जाता है। मटके का पानी हमें इन रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है |

वात नियंत्रण करे :


गर्मी में बर्फ का पानी किसे अच्छा नही लगता, परन्तु आप जानते है कि यह पानी वात प्रकृति को बढाता है। जबकि मटके का पानी हमें ठंडक की संतुष्टि तो देता है परन्तु वात रोगों को नहीं बढ़ाता | इसलिए वात रोगियों के लिए मटका का पानी फ़्रिज की अपेक्षा लाभकारी है |

कब्ज से बचाए :


बर्फ का पानी न सिर्फ हमारा गला ख़राब करता है बल्कि इसका प्रयोग पाचन संस्थान पर दुष्प्रभाव डालकर कब्ज एवं अन्य पाचन तंत्र के रोग उत्पन्न करता है जबकि मटके का पानी शीतलता तो प्रदान करता है पर कब्ज,गला ख़राब होना आदि रोग नहीं उत्पन्न करता ।

सावधानी :


मटके के सूक्ष्म छिद्रों में विभिन्न वैक्टीरिया अपना घर बना लेते है इसलिए प्रतिदिन मटके को गर्म पानी से अच्छी तरह से धोकर ताज़ा पानी भर लेना चाहिए | भूलकर भी मटके का बासा पानी उपयोग में नही लेना चाहिए |

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