बबूल :
बबूल की छाल को पानी में उबालकर इससे कुल्ला एवं गरारे करने से होंठों एवं मुंह में जलन (stomatitis) और गले की सूजन में लाभ होता है। बबूल की छाल चबाने से दांतों का हिलना व मसूड़ों से खून बहना बंद हो जाता है | यह गंदे दांतों को चमकदार बनाता है |
अपामार्ग :
अपामार्ग की जड़ का पाउडर दांतों की सफाई के लिए लाभदायक है। दंत दर्द में इसका रस लगाने से दर्द तुरंत कम हो जाता है।
अपामार्ग : अपामार्ग की जड़ का पाउडर दांतों की सफाई के लिए लाभदायक है। दंत दर्द में इसका रस लगाने से दर्द तुरंत कम हो जाता है।
खिरनी का पका हुआ फल दांत साफ करने के लिए प्रयोग किया जाता है। बबूल के मिश्रण के साथ कुल्ला करने से मसूड़ों की सूजन और मसूड़ों से खून बहना बंद होता है। खिरनी दांतों के ढीलेपन को दूर करने में भी सहायक है |
इलायची :
इलायची एक अच्छा माउथ फ्रेशनर हैं। इसके सेवन से मुंह की दुर्गन्ध गायब हो जाती हैं। इलायची का तेल दांत दर्द में अत्यंत लाभदायक है।
मकोय :
मकोय का काढ़ा बनाकर कुल्ला करने से मुँह की दुर्गन्ध दूर हो जाती है |
अमलतास :
यह दंत रोगों के लिए एक अच्छा विकल्प है। अमलतास के तेल की मालिश दांतों के रक्तस्राव को रोकने में मदद करता है और मसूड़ों को मजबूत बनाता है । इसकी फलियों से तैयार काढ़े से गरारा करना दांत दर्द के लिए प्रभावकारी होता है।
अखरोट :
अखरोट का पाउडर दांत एवं त्वचा की सफाई के लिए प्रयोग किया जाता है, यदि मसूड़ों से खून बह रहा है तो इसके पाउडर की मालिश से अत्यंत लाभ होता है।
काली मिर्च :
इसका पाउडर दांतों की सफाई के लिए बेहद फायदेमंद है। दांत दर्द में भी काली मिर्च का पाउडर लाभ करता है |
कपूर :
यदि दांत दर्द रहा हो तो किसी साफ़ लकड़ी को कपूर के तेल में भिगोकर दर्द वाले स्थान पर रख लें | कुछ ही देर में दर्द बंद हो जायेगा |
करंज :
करंज की जड़ का पाउडर दांतों और मसूड़ों के लिए लाभकारी है। इसके बीजों का तेल एंटीसेप्टिक,एनाल्जेसिक एवं एंटी प्रुरिटिक (खुजली नाशक) होता है। करंज की पत्तियों का पेस्ट घाव और सूजन के लिए अत्यंत उपयोगी है।
कत्था :
कत्था का चूर्ण दांत में होने वाली कैविटी एवं दंत क्षय को समाप्त करने का एक अच्छा विकल्प है |यह मसूड़ों से खून का बहना भी बंद करता है ।
लौंग :
दांत दर्द समाप्त करने के लिए एक साफ लकड़ी को लौंग के तेल में भिगोकर दर्द्युक्त स्थान पर रखें , तुरंत राहत मिलेगी | लौंग एक अच्छा मुख दुर्गन्ध नाशक भी है |
दालचीनी :
दांत की कैविटी में दर्द होने पर दालचीनी का तेल को लकड़ी की सहायता से कैविटी में रखें, तुरंत लाभ होगा ।
आमा हल्दी :
आमा हल्दी का पाउडर दांतों की सफाई के लिए प्रयोग किया जाता है।









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