यह तो सभी जानते हैं कि डेंगू और मलेरिया होने पर रक्त में प्लेटलेट्स काउन्ट कम हो जाते है। असल में प्लेटलेट्स कम होने पर रक्त का थक्का अच्छी तरह से जम नहीं पाता है जो किसी भी तरह से चोट लगने पर शरीर से ब्लड लॉस होने से रोकता है। जब शेविंग करते समय कट जाने या अंगुली कट जाने पर अथवा नाक से निकंलने वाला रक्त बहना बंद हो जाए तो समझ लीजिये कि प्लेटलेट्स काम कर रही हैं | यदि ऐसा नहीं होता है तो आपको तुरंत अपने चिकित्सक से सलाह लेकर इसकी समुचित जांच करानी चाहिए |
प्लेटलेट्स को जानें :
एक स्वस्थ व्यक्ति के प्रति माइक्रो लिटर रक्त में 150000 से 450000 तक प्लेटलेट्स पाई जाती हैं | ये कोशिकाएं खून में पाई जाती हैं जहाँ ये आपस में बंधी हुई होती हैं और इस प्रकार आपके प्रवाहित होते हुए रक्त के बाहर निकलने के मार्ग को नियंत्रित करती हैं |प्लेटलेट्स आपके खून में सिर्फ 10 दिन तक ही जीवित रहती हैं इसलिए इसनकी पुनः पूर्ती की ज़रूरत लगातार बनी रहती है |
अपनी स्थिति को जानें :
जब प्लेटलेट्स की संख्या 150,000 से कम हो जाती है तो इस स्थिति को थ्रोम्बोसाइटोपिनिया कहते हैं |
थ्रोम्बोसाइटोपिनिया के लक्षण :
- थकान
- आसानी से पड़ने वाले नील
- लम्बे समय तक रक्तस्त्राव होना
- नाक या मसूड़ों से खून आना
- मूत्र या मल में रक्त आना
- पैरों के निचले हिस्से और पंजों पर पिन के आकार के पर्पल-लाल धब्बे पड़ना |
कुछ फूड्स ऐसे हैं जिनके सेवन से प्लेटलेट्स की मात्रा बढ़ जाती है।
पपीता का पत्ता :
पपीते के पत्ते में काइमोपेपाइन और पेपाइन नामक एन्जाइम होता है जो प्लेटलेट्स काउन्ट्स को बढ़ाने का काम करता है विशेषकर डेंगू के दौरान। पपीते के पत्ते को 15 मिनट तक उबालने के बाद दिन में दो बार इस पानी को पीने से लाभ मिलता है।
लाल फल और सब्जियां :
टमाटर, प्लम, तरबूज, चेरी आदि फल और सब्जियों में विटामिन और मिनिरल्स के साथ-साथ एंटी ऑक्सिडेंट्स अच्छी मात्रा में होते हैं। ये रक्त में ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद करते हैं।
चुकंदर और गाजर :
चुकंदर के रस में अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाते हैं। अगर दो से तीन चम्मच चुकंदर के रस को एक ग्लास गाजर के रस में मिलाकर पिएं तो ब्लड प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ती हैं।
नारियल पानी :
नारियल पानी में इलेक्ट्रोलाइट्स अच्छी मात्रा में होते हैं। इसके अलावा यह मिनिरल्स का भी अच्छा स्रोत है जो रक्त में ब्लड प्लेटलेट्स की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।
कद्दू का रस :
कद्दू के आधे ग्लास जूस में एक से दो चम्मच शहद डालकर दिन में दो बार लेने से भी रक्त में प्लेटलेटस की संख्या बढ़ती है।
गिलोय :
गिलोय का जूस खून में व्हाइट ब्लड सेल्स बढ़ाने में काफी मददगार है। डेंगू के दौरान नियमित रूप से इसके सेवन से ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ते हैं और प्रतिरोधी क्षमता मजबूत होती है।
डेयरी प्रॉडक्ट :
दूध और दूध से बने चीज कैल्सियम का स्रोत होते हैं जो उपचार के दौरान प्लेटलेट्स काउन्ट बढ़ाने में बहुत सहायता करते हैं। अगर आप कैल्सियम भरपूर मात्रा में नही लेंगे तो रक्त का थक्का नहीं बनेगा।
कीवी :
कीवी प्लेटलेट्स काउन्ट बढ़ाने में बहुत मदद करता है और सबसे अच्छी बात ये है कि अब ये सब जगह पाया जाता है। उपचार के दौरान दिन में कम से कम दो कीवी खाने से लाभ मिलता है। यहां तक कि जो एनिमिया या विटामिन बी की कमी और वायरल इंफेक्शन से कष्ट पा रहे होते हैं उन्हें भी फायदा पहुँचता है।
ड्रागन फ्रूट :
वैसे तो इस फल को विदेशी माना जाता है लेकिन ये मार्केट या सूपरमार्केट में आसानी से मिल जाता है। डेंगू के मरीज को ये फल देने पर प्लेटलेट्स काउन्ट बढ़ाने में बहुत मदद मिलता है।

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