By - डॉ. कैलाश द्विवेदी
शहद एक पौष्टिक आहार के साथ-साथ उत्तम आयुर्वेदिक औषधि भी है | शहद स्वयं तो औषधि है ही कई औषधियों में अनुपान के रूप में भी प्रयुक्त होता है | बाज़ार में विभिन्न कम्पनियाँ शुद्ध शहद की गारंटी देती हैं परन्तु फिर भी इसकी शुद्धता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती है | सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (C.S.E.) के शोध के अनुसार बाज़ार में बिक रहे बड़ी-बड़ी कम्पनियों के शहद में प्रतीजैवीक एंटी-बायोटिक्स की मात्रा अंतर्राष्ट्रीय मानकों से दोगुनी मात्रा पायी गयी है। ऐसे शहद को अगर लगातार खाया जाता है तो हमारे शरीर के एंटी बायटिक के प्रति प्रतिरोध बनने का ख़तरा हो जाएगा। और बिना जरूरत के इन प्रतीजैवीक पदार्थों के शरीर मे जाने से जो साइड इफेक्ट्स होंगे वो भी खतरनाक होंगे। इनके दवारा जांचे गए शहद में एजिथ्रोमाइसिन, सिप्रोफ्लॉक्सेसिन और ऑक्सीटेट्रासाइक्लिन, क्लोरैंमफेनिकल, एंफीसिलीन आदि प्रतिजैविक पदार्थ पाए गए हैं। आईये इस लेख में जाने शुद्ध शहद की पहचान कैसे करें
- शुद्ध शहद में भीनी खुशबू रहती है और वह सर्दी में जम जाता है तथा गरमी में पिघल जाता है |
- एक मात्रा में शहद और शराब ले कर उसे गिलास में डालें। अगर शुद्ध शहद है तो वह गांठ का रूप ले लेगी और अगर अशुद्ध है तो वह पानी में घुल जाएगी।
- यदि शुद्ध शहद को कुत्ता के समक्ष डाला जायेगा तो वह इसे नहीं खायेगा |
- शुद्ध शहद को कागज पर डालने से नीचे निशान नहीं आता है, जाँच करने के लिये ब्लोटिंग या टिशु पेपर लें। फिर उस पर कुछ बूंद शहद की डालें। यदि शहद में अशुद्धता होगी तो वह पेपर उसे सोख लेगा और शुद्ध शहद पेपर पर ही रहेगा।
- शुद्ध शहद को किसी बर्तन में धार बना कर छोड़ें। यदि वह सांप की तरह कुंडली बना कर गिरे तो असली है और बर्तन में फ़ैल जाये तो नकली है।
- कांच के गिलास में पानी भरकर शहद की कुछ बूंदे डालें यदि यह बूंदे पानी में बनी रहती है तो शहद असली है और यदि शहद की बूंदे पानी में घुल जाती है तो शहद अशुद्ध है |
- गरम करने पर शदह यदि गाढ़ा हो जाये तो उसे असली मानना चाहिए पर यदि उसमें बबल्स उठने शुरु हो जाएं तो शहद अशुद्ध है |
- रूई की बत्ती बनाकर शहद में भिगोकर जलाएं यदि बत्ती जलती रहे तो शहद शुद्ध है |
- मक्खी के पंखों पर शहद नहीं चिपकता | इसे जांचने के लिए एक ज़िंदा मक्खी पकड़कर शहद में डालें उसके ऊपर शहद डालकर मक्खी को दबा दें शहद असली होने पर मक्खी शहद में से अपने आप ही निकल आयेगी और उड़ जायेगी
- कपड़े पर शहद डालें और फिर पौंछे असली शहद कपडे़ पर नहीं लगता है |
- शुद्ध शहद आँखों में लगाने पर थोड़ी जलन होगी, परंतु चिपचिपाहट नहीं होगी।
- शुद्ध शहद दिखने में पारदर्शी होता है।
विभिन्न वृक्षों पर लगे शहद के गुण :
- नीम के वृक्ष पर लगे शहद का उपयोग - आंखों के लिए लाभदायक होता है |
- जामुन के वृक्ष पर लगे शहद का उपयोग - मधुमेह के लिए लाभदायक होता है |
- सहजने के वृक्ष पर लगे शहद का उपयोग - हृदय, वात तथा रक्तचाप के लिए लाभदायक होता है |
पोषक तत्व :
एक किलोग्राम शहद से लगभग 5500 कैलोरी ऊर्जा मिलती है। एक किलोग्राम शहद से प्राप्त ऊर्जा के तुल्य दूसरे प्रकार के खाद्य पदार्थो में 65 अण्डों, 13 कि.ग्रा. दूध, 8 कि.ग्रा. प्लम, 19 कि.ग्रा. हरे मटर, 13 कि.ग्रा. सेब व 20 कि.ग्रा. गाजर के बराबर हो सकता है।
रासायनिक विश्लेषण :
- फ्रक्टोज़ 38.2%
- ग्लूकोज़: 31.3%
- सकरोज़: 1.3%
- माल्टोज़: 7.1%
- जल: 17.2%
- उच्च शर्कराएं: 1.5%
- भस्म: 0.2%
- अन्य: 3.2% ।
- शहद में लगभग 75% शर्करा होती है जिसमें से फ्रक्टोज़, ग्लूकोज़, सुल्फोज़, माल्टोज़, लेक्टोज़ आदि प्रमुख हैं।
अन्य पदार्थ :
प्रोटीन, एलब्यूमिन, वसा, एन्जाइम अमीनो एसिड, कार्बोहाइड्रेट्स, आहारीय रेशा, पराग, केसर, आयोडीन और लोहा, तांबा, मैंगनीज, पोटेशियम, सोडियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, क्लोरीन |
शहद में पाए जाने वाले विभिन्न विटामिन :
राइबोफ्लेविन, फोलेट, विटामिन ए, बी-1, बी-2, बी-3, बी-5, बी-6, बी-12 तथा अल्पमात्रा में विटामिन सी, विटामिन एच और विटामिन 'के' भी पाया जाता है।

No comments:
Post a Comment